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बिहार के दो महादलित छात्रों को मिली 42-42 लाख रुपये की पूरी छात्रवृति

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पटना के दो महादलित बच्चे हरियाणा के प्रतिष्ठित अशोक विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई करेंगे। इन बच्चों को पढ़ाई के लिए 42-42 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली है।

मसौढ़ी के गौतम कुमार और जमसौत के अनोज कुमार को डेक्सटेरिटी ग्लोबल के सहयोग से उच्च शिक्षा हासिल करने का यह सुनहरा मौका मिला है। यह छात्रवृत्ति गौतम और अनोज के चार साल तक पूरी पढ़ाई मुफ्त करेंगे। ट्यूशन, निवास, किताबें और आपूर्ति, स्वास्थ्य बीमा, और यात्रा व्यय सारा खर्च छात्रवृत्ति से मिलेगा। यही नहीं दोनों छात्रों को व्यक्तिगत खर्चों के लिए मासिक जेब खर्च भी मिलेगा। अशोका विश्वविद्यालय प्रसिद्ध शिक्षाविदों एवं उद्योगपतियों द्वारा स्थापित एक प्रमुख लिबरल आर्ट्स संस्थान है जहां 18 से अधिक देशों के छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। डेक्सटेरिटी ग्लोबल के सीईओ शरद सागर ने बताया कि दोनों शोषित समाधान केंद्र के छात्र थे। वर्ष 2013 में इनसे मुलाकात के बाद हमने इन्हें उच्च शिक्षा दिलाने का लक्ष्य बना लिया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एशिया, अमेरिका और यूरोप के शीर्ष कॉलेजों में पढ़ने के लिए 21.93 करोड़ से अधिक की छात्रवृति प्राप्त हुई है।

माता-पिता खुश हैं कि बेटा बाहर जाकर पढ़ेगा
मेरे माता-पिता पढ़े लिखे नहीं है। उन्हें कॉलेज और बाहरी दुनिया के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। उनके लिए उनका बेटा पढ़ ही ले यही काफी था, जब उन्हें पता तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। दानापुर के जमसौत का रहने वाला 18 वर्षीय अनोज कुमार के पिता महेश मांझी और मां शांति देवी सिर्फ यह जानकर खुश हैं कि उनका बेटा बाहर पढ़ने जा रहा है। पिता मजदूरी करते हैं। मजदूरी से जैसे-तैसे घर चलता है। वह बचपन से शोषित समाधान केन्द्र में पढ़ाई कर रहा था। मैट्रिक व इंटरमीडिएट की पढ़ाई करने के बाद अब 42 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली है। वह पढ़-लिखकर अपने समाज के लोगों के लिए काम करना चाहता है। दो भाई एक बहन है।

कॉलेज जाने वाला परिवार का पहला व्यक्ति
हमलोगों के समुदाय के लड़के दसवीं पास करना ही बहुत बड़ी बात होती है। जब मेरे माता-पिता को हरियाणा जाकर अच्छे कॉलेज में पढ़ाई की बात पता चली तो उनकी खुशी चार गुनी बढ़ गई। वे खुशी से रोने लगे। मुश्किल से घर का चूल्हा जल पाता है, उस घर में खुशियों के दीप जल रहे हैं। गौतम ने बताया कि उनके पिता संजय मांझी टोला सेवक हैं। उनकी मां लग्नी देवी एक गृहिणी हैं। छात्रवृति मिलने पर गौतम ने कहा “मैं अपने परिवार से कॉलेज जाने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है। यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। कंप्यूटर साइंस पढ़ने का मेरा सपना डेक्सटेरिटी ग्लोबल और शरद सागर सर के बिना कभी संभव नहीं होता। मैं अपनी शिक्षा का उपयोग अपने समुदाय की सेवा करने में करूंगा।

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