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BJP सांसद निशिकांत दुबे ने शशि थरूर को दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, स्थायी समिति के चेयरमैन पद से हटाने की मांग

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा इंफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी की स्थायी समिति की बैठक का बहिष्कार करने के बाद अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अब इस समिति के चेयरमैन शशि थरूर को हटाने की मांग करते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि जब तक वह पद से नहीं हटाए जाते, तब तक मैं समिती की बैठकों में शामिल नहीं होऊंगा।

निशिकांत दुबे ने नियम 222 का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ कांग्रेस विपक्षी दलों के लोग सदन नहीं चलने दे रहे हैं और दूसरी तरफ संसदीय समिति की बैठक हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर न तो लोकसभा में और न ही राज्यसभा में चर्चा करने के लिए तैयार है, फिर भी समिति के प्रमुख (थरूर) उसी पर (बैठकों में) चर्चा करना चाहते हैं। दुबे ने कहा कि सदन के विशेषाधिकार का हनन हुआ है, क्योंकि बैठक में जिस मुद्दे पर चर्चा की जानी है वह पहले से ही अखबारों में छपा था, जो बैठकों के लिए निर्धारित-निर्देशों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि हम ‘भारत का संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत …उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि शशि थरूर के खिलाफ प्रिविलेज मोशन प्रस्ताव पर 17 सदस्यों के सिग्नेचर हैं। भाजपा सांसद दुबे द्वारा स्पीकर को दिए गए विशेषाधिकार नोटिस में उन्होंने कहा है कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि इस सज्जन (थरूर) ने न केवल एक प्रतिष्ठित समिति के लोकतांत्रिक कामकाज का चीरहरण किया है, बल्कि अपने राजनीतिक स्वामी के प्रति एक उच्च स्तर की चाटुकारिता का भी प्रदर्शन किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को सूचना प्रौद्योगिकी समिति के वर्तमान अध्यक्ष की तरह अपने दोस्तों के माध्यम से हंगामा करने की आदत है। इस बीच दुबे ने स्पीकर से अपील की कि जब तक उनके द्वारा दिए गए नोटिस पर कोई निर्णय नहीं होता है, तब तक उक्त समिति की कोई बैठक नहीं होनी चाहिए। बता दें कि कल आईटी की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के सांसदों ने बहिष्कार कर दिया था। संबंधित कमेटी में शामिल भाजपा सांसदों ने चेयरमैन शशि थरूर पर मनमानी करने का आरोप लगाया। भाजपा सदस्यों का आरोप है कि शशि थरूर बैठक में अपना एजेंडा चलाने की कोशिश करते हैं।

दरअसलस, अभिनेता कमल हासन और गीतकार प्रसून जोशी सेंसर बोर्ड के कामकाज की समीक्षा कर रही एक संसदीय समिति के समक्ष मंगलवार को उपस्थित हुए थे। कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने हासन और जोशी को बुलाया था। जोशी सेंसर बोर्ड के प्रमुख हैं। समिति की बैठक का एजेंडा सिनेमैटोग्राफ (संशोधन विधेयक), 2021 के मसौदे के संदर्भ में भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के कामकाज की समीक्षा करना था।
भाजपा नेताओं का दावा था कि इस बैठक के एजेंडे के बारे में उन्हें सूचित नहीं किया गया था। भाजपा सांसदों का यह भी कहना था कि जब विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही नहीं चल पा रही है तो फिर संसदीय समिति कैसे अपना काम कर सकती है। समिति में शामिल विपक्षी सदस्यों ने दावा किया कि बैठक को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी और सदस्यों को इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था।

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