Aawaz24 News
Aawaz24.com

BREAKING NEWS

बिहार के सरकारी अस्पतालों में नहीं मिल रहा सेनेटरी पैड, सिविल सर्जन ने दिया चौंकाने वाला बयान

0 778,777

माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बच्चे के जन्म देने के बाद ही सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य रूप से सेनेटरी पैड दिया जाना है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उपस्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसूति महिलाओं को मुफ्त में सेनेटरी पैड दिया जाता है। लेकिन बिहार के सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं को सेनेटरी पैड नहीं मिल रहे हैं। प्रसूति महिलाओं के परिवार को खुद से खरीद कर सेनेटरी पैड लाना पड़ रहा है।

सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह बताती हैं कि कई सालों से बीएमएसआईसीएल (Bihar Medical Services and Infrastructure Corporation Limited) की ओर से सेनेटरी पैड खरीदकर नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण वे अस्पतालों को सप्लाई नहीं कर पा रही हैं। कोरोना काल से पहले बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से सेनेटरी पैड बांटने को मिला था। कोरोना संक्रमण के कारण सेनेटरी पैड नहीं बांटा जा सका। दो महीने पहले किशोरी स्वास्थ्य योजना और जननी सुरक्षा योजना में सेनेटरी पैड दिया गया है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2019-20 के अनुसार राज्य की 58.8 प्रतिशत महिलाएं माहवारी के दौरान स्वच्छता के लिए सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं। सर्वे यह भी बताता है कि माहवारी के दौरान स्वच्छता नहीं रखने वाली 0.8 प्रतिशत महिलाएं गर्भाशय कैंसर की शिकार हो जाती हैं।

क्यों जरूरी है प्रसूताओं के लिए माहवारी स्वच्छता
बिहटा के डॉ. मंजूलता प्रसूति महिलाओं के गर्भाशय में होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए माहवारी के समय स्वच्छता जरूरी होता है। कई महिलाओं का एपिसियोटोमी टाका को संक्रमण से बचाने के लिए स्वच्छता जरूरी होता है। सेनेटरी पैड की जगह कपड़े या अन्य उपायों के इस्तेमाल करने से संक्रमण फैलता है। साथ टांका टूटने का भी डर रहता है।

इस आर्टिकल को शेयर करें

Leave A Reply

Your email address will not be published.

x

COVID-19

India
Confirmed: 33,448,163Deaths: 444,838
x

COVID-19

World
Confirmed: 227,865,874Deaths: 4,682,908