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Corona Vaccine Fight: जब देशवासियों के लिए नहीं थे पूरे टीके तो विदेश क्यों भेजे? संबित पात्रा ने उठाया सच्चाई से पर्दा

पात्रा ने कहा कि विदेश में 5.50 करोड़ वैक्सीन की खुराक भेजना दो भारतीय निर्माताओं की मजबूरी थी क्योंकि यह उनकी व्यावसायिक और लाइसेंस देनदारियों का हिस्सा था। देश में निर्मित Covishield पर अधिकार एक विदेशी फर्म Astrazeneca का है SII विदेश में उत्पादित टीकों को भेजने के लिए बाध्य।

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नई दिल्ली, पीटीआइ। सत्तारूढ़ भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर भारत के टीकाकरण कार्यक्रम पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि विदेशों में भेजी गई वैक्सीन की 84 फीसद से अधिक दो भारतीय निर्माताओं की व्यावसायिक और लाइसेंसिंग देनदारियों का हिस्सा थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशों में भेजी गई 1.07 करोड़ वैक्सीन की खुराक विभिन्न देशों के लिए भारत की मदद थी और उन में से, 78.5 लाख को सात पड़ोसी देशों में भेजा गया। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए भी जरूरी, क्योंकि भारत के लिए एक सुरक्षित पड़ोस होना अच्छी बात है।

 

पात्रा ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति सेना को दो लाख से अधिक खुराक दी गई, जिसमें 6,600 से अधिक भारतीय सैनिक तैनात हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AAP पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गलत सूचना फैलाई जा रही है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 6.63 करोड़ वैक्सीन की खुराक विदेशों में निर्यात की है, जबकि उनका भारतीयों के लिए इस्तेमाल नहीं किया गयागया

पात्रा ने कहा कि विदेश में 5.50 करोड़ वैक्सीन की खुराक भेजना दो भारतीय निर्माताओं की मजबूरी थी क्योंकि यह उनकी व्यावसायिक और लाइसेंस देनदारियों का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा देश में निर्मित Covishield पर अधिकार, एक विदेशी फर्म, Astrazeneca का है, SII विदेश में उत्पादित टीकों की कुछ खेप भेजने के लिए बाध्य था।

भाजपा नेता ने कहा कि कोवैक्सीन का निर्माण करने वाली भारत बायोटेक ने भी वैक्सीन की खुराक विदेश में भी भेजी, क्योंकि उन्होंने समझौते के तहत कच्चे माल की खरीद के लिए इसपर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि यह गलत सूचना फैलाई जा रही है कि भारतीयों को नजरअंदाज किया गया और विदेशों में टीके भेजे गए। इस वैश्विक युग में, कोई भी देश एक द्वीप के रूप में मौजूद नहीं हो सकता है और सहकारी वैश्वीकरण होना चाहिए।

फार्मूला नहीं दिया जा सकता

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से देश में उत्पादन बढ़ाने के लिए अन्य सक्षम दवा कंपनियों के साथ दो भारतीय निर्माताओं के वैक्सीन फार्मूले को साझा करने के लिए कहा है। पात्रा ने इसपर कहा कि एसआईआई ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि इसे केवल उप-लाइसेंस दिया गया है Astrazeneca की तरफ से, जिसका वैक्सीन पर पहला अधिकार है।

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