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बालू के अवैध खनन को ले प्रधान सचिव ने पुलिस पर उठाये सवाल

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बालू के अवैध खनन व परिवहन में पुलिस की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस बार सवाल खड़ा करने वाला कोई आम नहीं, बल्कि खास है। खनन विभाग की प्रधान सचिव ने ही पुलिस की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनका साफ तौर पर मानना है कि बगैर थाना व पुलिस अफसर की मिलीभगत से बालू का अवैध करोबार संभव नहीं है। खनन एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव ने अवैध खनन पर रोक लगाने को ले डीजीपी को भजे गये अपने पत्र में पुलिस की बालू के अवैध धंधे में संलिप्तता के कड़वे सच को रखा है। पत्र में प्रधान सचिव ने कहा है कि अवैध खनन पर रोक लगाने संबंधी पत्र पिछले सात मई को भी डीएम व एसपी को भेजा गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं दिख रहा है। स्थानीय थानों के पुलिसकर्मी एस्कॉर्ट कर बालू के ओवरलोडेड ट्रकों को पार कराते हैं, जिसकी भी सूचना मीडिया में प्रकाशित हो रही है। बालू के अवैध खनन, भंडारण व परिवहन पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है। साथ ही पत्र में अवैध खनन कार्य में संलिप्त दोषी पुलिसकर्मी व पदाधिकारी की जांच करते हुए कठोर कार्रवाई करने की भी बात कही गई है।

पत्र के बाद सीओ व थानों को दी गई थी जिम्मेदारी

गत पांच मई को खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर बुमहारा ने भोजपुर समेत बालू खनन वाले पांच जिलों के डीएम व एसपी को अपने जिले में बालू के खनन व परिचालन पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार बताते हुए जिला प्रशासन से बालू घाटों की नियमित जांच व बालू खनन क्षेत्रों पर सतत निगरानी के आदेश दिए थे। इसे लेकर डीएम ने खनन विभाग के साथ- साथ स्थानीय पुलिस व सीओ को पूरे जिले को सील करने व खनन पर पूर्णतः रोक की जबाबदेही सौंपी थी पर आदेश के बाद भी न तो अवैध खनन रुका और न ही ओवरलोडिंग परिचालन ही रुक पाया।

लॉकडाउन में धड़ल्ले से फोरलेन से गुजर रहे ट्रैक्टर

धंधेबाजों से मिलीभगत का ऑडियो व वीडियो वायरल

पटना जिले से लगातार हवाई फायरिंग की सूचना

सोन नदी के किनारे का रास्ता भी आज महफूज नहीं

फोटो-10- भोजपुर के इलाके में बालू लदे ट्रैक्टरों का रेला

कोईलवर। एक संवाददाता

लॉकडाउन में आम लोगों को दूसरे जिले में जाने के लिए बेशक पास बनवाना पड़ता हो या फिर पुलिस की पिटाई के डर से कोई सड़क पर आने की जुर्रत नहीं कर रहा हो पर बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध व बिहार में जारी लॉकडाउन के बावजूद बालू क अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। दूसरी ओर पुलिस खुद बालू लदे वाहनों को भोजपुर जिला पार कराती नजर आ रही है। वैध घाटों के बंद होने के बाद पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत से सैकड़ों अवैध घाट खुल गए हैं, जहां से बालू का खनन कर पुलिस के संरक्षण में ट्रक व ट्रैक्टर निकलते नजर आते हैं।

कोईलवर का महुई व कमालुचक बालू घाट

सैकड़ों ट्रैक्टर बेखौफ होकर घाटों पर जाते दिख रहे हैं। फोर लेन होकर फूंहा गांव के रास्ते दियारे में बालू निकालने की जुगत में सैकड़ों ट्रेक्टरों की भीड़ दिख रही है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल को तहस-नहस करने में कोई कसर ट्रैक्टर चालकों ने नही छोड़ी है। धंधेबाज रैयतों की जमीन में से जहां से जी किया, जबरन बालू निकालने में संकोच नहीं कर रहे हैं। राजापुर के नवलेश सिंह कहते हैं कि बालू का खनन के बाद उसके स्टॉक किए जाने और फिर ट्रक पर लाद परिचालन में नौजवानों के भविष्य चौपट हो रहा है। विसुनपुर के मुखिया प्रतिनिधि विजय पांडेय कहते हैं कि यहां पुलिस के संरक्षण में बालू का अवैध धंधा फल-फूल रहा है।

अवैध खनन को ले सेमरा व दियारा के बीच तनी बदूंकें, फायरिंग

आरा-छपरा गंगा सेतु के नीचे से भोजपुर जिले के कोईलवर व बड़हरा के दियारे तक सोन नदी के किनारे तक रोजाना हजारों की संख्या में दिखने वाले ट्रैक्टरों की संख्या आज दिखाई नहीं दे रही। स्थानीय लोग बताते हैं कि सेमरा व बिंदगावा के दियारे में बालू का खनन आज बंद है। पता चला कि देर रात से ही गोलियां चल रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भोजपुर जिले के बालू धंधेबाज पटना जिले के सुअरमरवा इलाके में घुसकर बालू का खनन कर रहे थे कि इसी बीच सोन के उस पार पटना जिले के सुवरमरवा इलाके के बालू के धंधेबाजों ने दहशत फैलाने को लेकर गोलियां चलानी शुरू कर दी। दबी जुबान से यह भी जानकारी मिली कि भोजपुर जिले के एक धंधेबाज की पोकलेन मशीन भी पटना जिला वालों ने जब्त कर ली है। नतीजतन आज दियारे में कटाई बंद है जिससे हजारों की संख्या में सेमरा-बिंदगावा होकर बबुरा गंगा पुल के नीचे तक जानेवाले ट्रैक्टरों की संख्या आज नगण्य है। हालांकि पुलिस आज इस बात को सच बताने में घुटन महसूस करती रही। पुलिस ने गोलीबारी की घटना को गलत बताते दबाव में खनन को बंद करना बताया है।

ऑडियो व वीडियो वायरल से सुर्खियों में रहा बड़हरा थाना

पिछले छह मई को बड़हरा थाने के विसुनपुर गांव के रास्ते जबरन रास्ता बना बालू ट्रैक्टर ले जाए जाने का विरोध करने पर विसुनपुर व सेमरा गांव के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में गांव के मुखिया प्रतिनिधि द्वारा बड़हरा थानाध्यक्ष के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें थानाध्यक्ष पर बालू खनन व परिचालन कर रहे धंधेबाजों के पक्ष में खड़े रहने व बालू ट्रैक्टर जबरन ले जाए के साथ साथ जमीन किसी के बाबूजी की नहीं जैसी थानेदार की बात इलाके में चर्चा का विषय रहा।

केस-1

8 मई को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें बड़हरा थाना क्षेत्र के फूंहा में खड़े चौदह चक्का ट्रक पर ओवरलोड बालू लाद कर पुलिस की देखरेख में ले जाया जा रहा था। तीन मिनट के इस वीडियो में बिहार सरकार द्वारा प्रतिबंधित चौदह चक्के ट्रक को बड़हरा पुलिस अपनी देखरेख में पुल की ओर ले जाती दिख रही है।

केस-2

13 मई को दूसरा वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कोईलवर-बबुरा फोर लेन पर पासिंग के धंधे में लगे दो बाइक सवार ओवरलोड बालू लदे चौदह चक्का व दस चक्का ट्रक को पुल पार कराने की जुगत में हैं। इनका साथ देने बड़हरा थाने की पुलिस भी ओवरटेक कर आगे जाकर उन्हें पार कराती दिख रही है।

अवैध खनन व ओवरलोडिंग में 15 ट्रकों पर केस

कोईलवर। एक संवाददाता

बालू के अवैध परिचालन को रोकने को लेकर प्रशासन ने सोमवार को कई जगहों पर छापेमारी की। राज्य सरकार की ओर से बढ़ते दबाव के बीच खनन विभाग ने अजीमाबाद इलाके में बगैर चालान के आठ व संदेश में एक ट्रक पकड़ा है तो दूसरी ओर एमवीआई ने कोईलवर में दो व चांदी में चार बालू लदे ट्रकों को पकड़ा। सभी पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व एसडीओ के नेतृत्व में बालू की अवैध खनन व बगैर चालान के परिचालन कर रहे 20 ट्रकों व घाट से छह पोकलेन मशीन जब्त की गई थी। बावजूद इसके बालू के अवैध खनन व परिचालन कर रहे लोगों के बीच भय पैदा नहीं हो रहा। छापेमारी अभियान में देर रात तक खनन निदेशक प्रमोद कुमार, खनन निरीक्षक रंजीत कुमार के साथ स्थानीय पुलिस की भी मौजूदगी रही।

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